प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत Part 1 प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन" से संबंधित MCQsShare with your Friend Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Telegram Q1: ऋग्वेद के किस मंडल को पुरूष सूक्त के कारण चार वर्णों का प्रथम उल्लेख माना जाता है? ग्यारहवें नवें दसवें आठवेंऋग्वेद के 10वें मंडल में वर्ण व्यवस्था का उल्लेख मिलता है।Q2: इतिहास को सबसे पहले तीन भागों (प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक) में किसने बाँटा था? अलबरूनी हेरोडोटस क्रिस्टोफ सेलियरस मेगास्थनीजइतिहास को सबसे पहले तीन भागों में बाँटने का श्रेय जर्मन इतिहासकार क्रिस्टोफ सेलियरस (1638-1707 ई.) को है।Q3: सबसे बाद में रचा गया वेद कौन सा है? ऋग्वेद सामवेद यजुर्वेद अथर्ववेदअथर्ववेद को सबसे बाद का वेद माना गया है।Q4: भारत का सर्वप्राचीन धर्मग्रंथ कौन सा है? महाभारत रामायण पुराण वेदभारत का सर्वप्राचीन धर्मग्रंथ वेद हैQ5: संस्कृत साहित्य में ऐतिहासिक घटनाओं को क्रमबद्ध लिखने का प्रथम प्रयास किसने किया? पाणिनि पतंजलि कल्हण बाणभट्टसंस्कृत साहित्य में ऐतिहासिक घटनाओं को क्रमबद्ध लिखने का प्रथम प्रयास कल्हण ने किया।Q6: पुराणों का पाठ मुख्यतः कहाँ किया जाता था? मंदिरों में विद्यालयों में गुरुकुलों में महलों मेंपुराणों का पाठ पुजारी मंदिरों में किया करते थे।Q7: प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी कितने मुख्य स्रोतों से मिलती है? दो पाँच चार तीनप्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी मुख्य रूप से दो स्रोतों से मिलती है: पुरातात्विक स्रोत और साहित्यिक स्रोत. Q8: यजुर्वेद के पाठकों को क्या कहा जाता है? उपाध्याय अध्वर्य ऋत्विज अध्यापकयजुर्वेद के पाठकों को अध्वर्य कहा जाता है।Q9: यजुर्वेद को किस नाम से जाना जाता है? पद्य वेद साम वेद गद्य वेद गद्य एवं पद्य दोनों वेदयजुर्वेद गद्य और पद्य दोनों रूपों में है।Q10: वेद कितने हैं? चार तीन दो पाँचवेद चार हैं— ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। +Load More QuestionsEnter Full Name Submit & See Your Score